गोडेल के अपूर्णता प्रमेय
युग: आरम्भिक सिद्धांत · 1930 का दशक–1950 का दशक
कर्ट गोडेल ने अपने अपूर्णता प्रमेय प्रकाशित किए, जो सिद्ध करते हैं कि पर्याप्त रूप से सशक्त हर औपचारिक तंत्र में ऐसी प्रतिज्ञप्तियाँ होती हैं जिन्हें उसी तंत्र के भीतर न सिद्ध किया जा सकता है, न असिद्ध। इस खोज ने न केवल गणित-जगत को झकझोरा, बल्कि संगणना-सिद्धांत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर भी गहरा प्रभाव डाला।
कर्ट गोडेल (1906–1978)
स्रोत और प्रमाण
On Formally Undecidable Propositions of Principia Mathematica and Related Systems
Springer · स्रोत का प्रकार: शोधपत्र
गोडेल का 1931 का शोधपत्र पहला अपूर्णता प्रमेय स्थापित करता है।
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